New Delhi: भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने हाल ही में पाकिस्तान सीमा के पास जोधपुर में अपने नए अपाचे अटैक हेलिकॉप्टरों की तैनाती का ऐलान किया है। इन हेलिकॉप्टर्स को अमेरिका से आयात किया गया है और इसका मुख्य उद्देश्य वायुसेना को एयर कॉम्बैट मिशन्स के लिए तैनात करना है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारतीय सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में और भी सशक्त करेगा।
इन अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर्स का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि ये हेलिकॉप्टर्स अमेरिकी सैन्या में विश्वसनीयता और क्षमता के साथ प्रसिद्ध हैं। इन्होंने कई जंगों में अपनी उच्च योग्यता का प्रदर्शन किया है और एयर कॉम्बैट मिशन्स को सफलता से पूरा किया है।
जोधपुर में क्यों तैनात किए जा रहे हैं भारतीय वायुसेना के नए अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर?
जोधपुर में क्यों तैनात किए जा रहे हैं भारतीय वायुसेना के नए अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर?
अपाचे हेलिकॉप्टर को पहले एएच-64डी ब्लॉक 3 के नाम से जाना जाता था, और इसमें अत्याधुनिक डिजिटल कनेक्टिविटी है, जिससे इसके सुरक्षा और नियंत्रण में वृद्धि होती है। इसमें ज्वाइंट टैक्टिकल इन्फॉर्मेशन डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम होता है, जो इसे विभिन्न कार्रवाई में सहायक बनाता है। इसमें शक्तिशाली इंजन होता है और फेस गियर ट्रांसमिशन से लैस होता है। इसकी गति, क्लाइंब रेट, और पेलोड क्षमता को बढ़ाने के लिए विभिन्न तकनीकी सुधार किए गए हैं। इसमें संचार के लिए सी, डी, एल, और केयू फ्रिक्वेंसी बैंड होता है।
इस अपाचे हेलिकॉप्टर के साथ ड्रोन्स को भी उड़ाने की क्षमता है, जिससे एक हेलिकॉप्टर से कई ड्रोन्स को नियंत्रित करके विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा बनाए रखा जा सकता है। इसके लिए दो पायलटों की आवश्यकता होती है और इसकी ऊंचाई 58.2 फीट और ऊचाई 12.8 फीट है। इसका वजन बिना किसी हथियार या ईंधन के 5165 kg है और उड़ान के समय यह 10,433 kg वजन उठा सकता है।
जोधपुर में क्यों तैनात किए जा रहे हैं भारतीय वायुसेना के नए अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर?
जोधपुर में क्यों तैनात किए जा रहे हैं भारतीय वायुसेना के नए अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर?
इसमें जनरल इलेक्ट्रिक के 2 टी700-जीई-701 टर्बोशिफ्ट इंजन होते हैं, जो इसे 1409 किलोवॉट की ताकत प्रदान करते हैं। इसके मुख्य पंखे का व्यास 48 फीट है और यह अधिकतम 293 km/hr की रफ्तार से उड़ सकता है। इसमें AIM-92 स्टिंगर ट्विन मिसाइल पैक और एम230 चेन गन के साथ चार पाइलॉन हार्डप्वाइंट्स होते हैं, जो इसे विभिन्न युद्ध स्थलों में सशक्त बनाते हैं।
इसकी रैंज भी उच्च होती है, जिससे यह 476 km कॉम्बैट रेंज तक उड़ान भर सकता है, और इसकी फेरी रेंज 1896 km है। यह अधिकतम 20 हजार फीट की ऊचाई तक जा सकता है और विभिन्न रूपों में सुरक्षा का संवर्धन कर सकता है।
इसमें 70 मिमी के Hydra-70, CRV, APKWS या हवा से जमीन पर मार करने वाले रॉकेट लगाए जा सकते हैं, जिससे इसका युद्ध क्षमता में और भी वृद्धि होती है। इसके अलावा इसमें AGM-114 हेलफायर मिसाइल के वैरिएंट्स लगे जा सकते हैं, जिससे वायुसेना को विभिन्न स्थानों पर आक्रमण करने की क्षमता मिलती है।
जोधपुर में क्यों तैनात किए जा रहे हैं भारतीय वायुसेना के नए अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर?
जोधपुर में क्यों तैनात किए जा रहे हैं भारतीय वायुसेना के नए अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर?
साल 2008 में भारतीय वायुसेना ने इन अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर्स के लिए टेंडर निकाला था और इसमें विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया था। साल 2010 में भारत ने इन हेलिकॉप्टर्स की खरीद के लिए सहमति दी, जो एक महत्वपूर्ण कदम था भारतीय सुरक्षा में वृद्धि की दिशा में।
इन नए अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर्स के साथ, भारत ने अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करने में एक और कदम बढ़ाया है। यह विशेषकर वायुसेना को एयर कॉम्बैट मिशन्स में और भी प्रभावी बनाए रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे देश की सुरक्षा की दिशा में सशक्ति मिलती है।

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