New Delhi: पैन कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो वित्तीय मामलों में पहचान और पंजीकरण के लिए उपयोग किया जाता है। भारत में, पैन कार्ड आयकर रिटर्न दाखिल करने, बैंक खाता खोलने, और अन्य वित्तीय लेनदेन करने के लिए आवश्यक है।

जब कोई व्यक्ति मर जाता है, तो उसके पैन कार्ड का उपयोग करने की अनुमति नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पैन कार्ड एक व्यक्तिगत पहचान कार्ड है और इसे केवल उस व्यक्ति द्वारा ही उपयोग किया जाना चाहिए जिसके लिए इसे जारी किया गया है।

व्यक्ति की मृत्यु के बाद पैन कार्ड का क्या करें?

जब कोई व्यक्ति मर जाता है, तो उसके पैन कार्ड को सरेंडर या डीएक्टिवेट करना आवश्यक है। पैन कार्ड को सरेंडर करने के लिए, आपको निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:

  1. असेसमेंट ऑफिसर को एक पत्र लिखें।
  2. पत्र में, मृत्यु की तारीख और मृत्यु प्रमाण पत्र की एक प्रति की जानकारी प्रदान करें।
  3. पत्र में, पैन कार्ड को सरेंडर करने का कारण भी बताएं।
  4. पत्र को अपने हस्ताक्षर और तिथि के साथ जमा करें।

पैन कार्ड को डीएक्टिवेट करने के लिए, आपको निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:

  1. इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर जाएं।
  2. “पैन कार्ड डीएक्टिवेशन” विकल्प पर क्लिक करें।
  3. आवश्यक जानकारी दर्ज करें।
  4. “डीएक्टिवेट” बटन पर क्लिक करें।

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पैन कार्ड को सरेंडर करने के लाभ:

पैन कार्ड को सरेंडर करने के कई लाभ हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • यह सुनिश्चित करता है कि पैन कार्ड का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति द्वारा नहीं किया जा सकता है।
  • यह आपके वित्तीय सुरक्षा को बढ़ाता है।
  • यह आपके वित्तीय लेनदेन को आसान बनाता है।

निष्कर्ष:

व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके पैन कार्ड का उपयोग करना गैरकानूनी है। पैन कार्ड को सरेंडर या डीएक्टिवेट करना महत्वपूर्ण है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इसका उपयोग किसी अन्य व्यक्ति द्वारा नहीं किया जा सके।

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