Tax Saving FD क्या है?

टैक्स सेविंग एफडी एक तरह की फिक्स्ड डिपॉजिट है, जिसमें निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है। इस योजना में निवेश करने के लिए न्यूनतम राशि 100 रुपये है और अधिकतम राशि 1.5 लाख रुपये है। टैक्स सेविंग एफडी में निवेश करने पर पांच साल का लॉक-इन पीरियड होता है। इस अवधि के दौरान पैसा निकालने पर ब्याज और मूलधन पर टैक्स देना होगा।

Tax Saving FD में निवेश करने के फायदे

  • टैक्स सेविंग एफडी में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है।
  • टैक्स सेविंग एफडी में निवेश करने पर निश्चित ब्याज मिलता है।
  • टैक्स सेविंग एफडी में निवेश करने पर पैसा सुरक्षित रहता है।

Tax Saving FD में निवेश कैसे करें?

टैक्स सेविंग एफडी में निवेश करने के लिए आप किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान में जा सकते हैं। इसके लिए आपको एक फॉर्म भरना होगा और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।

Tax Saving FD में ब्याज दरें

वर्तमान में, देश के कई बैंक टैक्स सेविंग एफडी पर आकर्षक ब्याज दरें दे रहे हैं। इनमें से कुछ बैंकों की ब्याज दरें इस प्रकार हैं:

  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI): 6.50%
  • केनरा बैंक (Canara Bank): 6.70%
  • पंजाब नेशनल बैंक (PNB): 6.50%
  • एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank): 7.00%
  • आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank): 7.00%
  • यस बैंक (Yes Bank): 7.00%
  • एक्सिस बैंक (Axis Bank): 7.00%

यह भी पढ़े-अमीर बनने का आसान तरीका, बस अपनाएं ये 5 टिप्स

यह भी पढ़े- 20 रूपये के इस गुलाबी नोट से कमाए 4 लाख रूपये, जाने इसकी खासियत

यह भी पढ़े- केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, जल्द मिलेंगे 2 लाख 18 हजार रुपये

यह भी पढ़े- LIC आधार शिला योजना: महिलाओं के लिए 87 रुपये की रोजाना बचत से 11 लाख रुपये का फायदा

Tax Saving FD में निवेश करते समय इन बातों का ध्यान रखें

  • टैक्स सेविंग एफडी में निवेश करने से पहले बैंक या वित्तीय संस्थान की रेटिंग और ब्याज दरों की तुलना जरूर करें।
  • टैक्स सेविंग एफडी में निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय जरूरतों और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखें।
  • Tax Saving FD में निवेश करने से पहले बैंक या वित्तीय संस्थान से टर्म ऑफ सर्विसेज (ToS) को ध्यान से पढ़ें।

निष्कर्ष

टैक्स सेविंग एफडी एक सुरक्षित और लाभदायक निवेश विकल्प है। इस योजना में निवेश करने पर आपको निश्चित ब्याज मिलता है और आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट भी मिलती है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *