सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर में 0.2% की वृद्धि: अब इसे 8.2% तक बढ़ाया गया है, जबकि तीन साल के टाइम डिपॉजिट पर 0.1% का लाभ भी हुआ है।
New Delhi: सरकार ने शुक्रवार, 29 दिसंबर को जनवरी-मार्च 2024 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में संशोधन की घोषणा की है। सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर में 0.20% और 3 साल के टाइम डिपॉजिट दर में 0.10% की बढ़ोतरी की गई है, जबकि अन्य योजनाओं की दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

Sukanya Samriddhi Yojana

पहले, 29 सितंबर को सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर के लिए RD पर ब्याज दर में 0.20% की बढ़ोतरी की थी। सुकन्या स्कीम की ब्याज दर पहले 8% थी, और तीन साल के टाइम डिपॉजिट की ब्याज दर 7% थी। इससे यह साकारात्मक बदलाव तीसरी तिमाही के रूप में हुआ है, जब इन स्कीम्स की दरों में वृद्धि हुई है।
वित्त मंत्रालय ने स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में नौ तिमाहियों तक कोई परिवर्तन नहीं किया था, लेकिन अक्टूबर-दिसंबर 2022 से इसे बढ़ाना शुरू किया गया था।
22 जनवरी 2015 को शुरू हुई एसएसवाई योजना, जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत एक हिस्से के रूप में लॉन्च की गई थी। इसका उद्देश्य है बेटी की शिक्षा और विवाह संबंधी खर्चों का सही से संचित करना।
बेटी की आयु 10 साल से कम होनी चाहिए और केवल एक अकाउंट ही खोला जा सकता है। परिवार को केवल दो एसएसवाई अकाउंट खोलने का अधिकार है। एसएसवाई अकाउंट को बैंक या पोस्ट ऑफिस में जाकर ऑफलाइन खोला जा सकता है, और इसमें न्यूनतम ₹250 प्रति वर्ष का निवेश करना है जबकि अधिकतम निवेश ₹1,50,000 प्रति वर्ष है। मैच्योरिटी पीरियड 21 साल है, और इसके लिए बेटी के जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता या कानूनी अभिभावक की फोटो आईडी और एड्रेस प्रूफ देना होगा।
एसएसवाई योजना की ब्याज दरें हर तिमाही में रिव्यू की जाती हैं। इनकी ब्याज दरें तय करने का फॉर्मूला श्यामला गोपीनाथ समिति ने प्रस्तुत किया है, जो कि सुझाव देती है कि इन स्कीम्स की ब्याज दरें समान मैच्योरिटी वाले सरकारी बॉन्ड के यील्ड से 0.25-1.00% ज्यादा होनी चाहिए।
स्मॉल सेविंग स्कीम्स भारत में हाउसहोल्ड सेविंग का मुख्य स्रोत हैं, जिनमें 12 इंस्ट्रूमेंट शामिल हैं। इन स्कीम्स में डिपॉजिटर्स को उनके पैसे पर निश्चित ब्याज मिलता है, और समूचे स्मॉल सेविंग स्कीम्स से आयी गई राशि को नेशनल स्मॉल सेविंग्स फंड (एनएसएसएफ) में जमा किया जाता है। ये स्कीमें सरकारी वित्तीय उत्तरदाता में से एक के रूप में उभरी हैं।
स्मॉल सेविंग इंस्ट्रूमेंट को तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है: पोस्टल डिपॉजिट (सेविंग अकाउंट, रिकरिंग डिपॉजिट, टाइम डिपॉजिट और मंथली इनकम स्कीम), सेविंग सर्टिफिकेट (नेशनल स्मॉल सेविंग सर्टिफिकेट और किसान विकास पत्र), और सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स (सुकन्या समृद्धि योजना, सार्वजनिक भविष्य निधि और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना)।

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