Post Office Scheme: पिछले कुछ वर्षों में, विभिन्न आर्थिक परिस्थितियों और महंगाई की वृद्धि के बीच, भारतीय जनता ने अपने निवेश के तरीकों में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखा है। कोविड-19 महामारी ने इस परिवर्तन को और भी गहरा बना दिया है, जिसके परिणामस्वरूप लोगों की धन निकालने और बचत के तरीकों में वृद्धि हुई है। एक मुख्य सर्वे ने यह दिखाया है कि भारतीय परिवार अब अधिकतम संख्या में सेविंग कर रहे हैं, और यहां हम उसे और विस्तृतता से जानेंगे।

सेविंग की महत्वपूर्णता

महंगाई और वित्तीय चुनौतियों के बीच, सेविंग करने का महत्त्व बढ़ रहा है। लोग अपनी आर्थिक स्थिति को सुरक्षित बनाए रखने के लिए सबसे सुरक्षित तरीके की तलाश में हैं, और इसमें से एक तरीका है सेविंग करना। कोविड-19 के बाद, लोगों को इस बात का सच्चाई से सामना करना पड़ा है कि उनकी कमाई में बचत करने की आवश्यकता है और यह उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। इसलिए, सेविंग की ओर बढ़ते लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है, जो एक सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक कदम है।

सर्वे द्वारा प्रमाणित बढ़ोतरी

नवंबर 2023 में एक सर्वे किया, जिसमें यह प्रकट हुआ कि पिछले एक वर्ष की तुलना में इस वर्ष सेविंग करने वाले परिवारों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 2022 में, जहां 70% परिवार सेविंग करते थे, वहीं 2023 में यह आंकड़ा 88% तक पहुंच गया है। यह स्पष्ट रूप से दिखा रहा है कि भारतीय जनता सेविंग के महत्व को समझती जा रही है और इसे अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है।

बैंक जमा करने वालों की बढ़ोतरी
सर्वे के अनुसार, लोग अब अपनी बचत को बैंकों में जमा करने की दिशा में भी बदल रहे हैं। इस आंकड़े में 2022 की तुलना में बैंक में जमा करने वालों की संख्या 77% से बढ़कर 2023 में 77% तक पहुंच गई है। इसमें बैंकों में मिलने वाले ब्याज का भी एक महत्वपूर्ण कारण है, जो लोगों को बैंक स्थिति के पक्ष पर खींच रहा है। रिजर्व बैंक ने हाल ही में एक घोषणा की है कि वह 2000 रुपये के नोटों को बैंकों में जमा करने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जिससे लोगों ने अपने घरों में रखे नोटों को बैंकों में जमा करने का निर्णय लिया है।

बीमा का अधिक प्रचलन
सर्वे ने दिखाया है कि लोग अब ज्यादातर बीमा खरीद रहे हैं, जिसमें एक वृद्धि दर्शाई गई है। यह बदलाव कोरोना महामारी के पश्चात देखने को मिला है, जिसमें पिछले साल 19% परिवार बीमा खरीदते थे, जबकि 2023 के सर्वे में यह आंकड़ा 27% तक पहुंच गया है। इससे साफ है कि लोगों ने अपनी सुरक्षा की और अधिक ध्यान देना शुरू किया है, और इसके लिए बीमा एक सुरक्षित विकल्प प्रदान करता है।

पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीमें
एक रुझान जो आजकल देखा जा रहा है, वह है पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीमों की बढ़ती पहुंच। पोस्ट ऑफिस के विभिन्न छोटी सेविंग स्कीमों में पैसा जमा करने वाले परिवारों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिसके परिणामस्वरूप 2022 के 21% से बढ़कर 2023 में 31% तक पहुंच गई है। यह दिखा गया है कि लोग अब पोस्ट ऑफिस की सुरक्षित और लाभदायक स्कीमों को एक सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं, जिन्हें वे अपने धन को बचाने के लिए चुन रहे हैं। यहां यह भी महत्वपूर्ण है कि सोने में निवेश करने वाले परिवारों की संख्या भी 15% से बढ़कर 21% हो गई है, जो इस स्थिति को और भी प्रमाणित करता है।

इससे स्पष्ट है कि भारतीय समाज ने अपने निवेश के तरीकों में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखा है, और सेविंग को एक महत्वपूर्ण और जरूरी हिस्सा माना जा रहा है। लोग अब अधिक सुरक्षित और लाभकारी निवेश के रूप में पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीमों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे उन्हें अधिक बचत और सुरक्षा का वादा मिलता है।

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