New Delhi! भारत सरकार डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को लगातार बढ़ावा दे रही है. इसी वजह से यूपीआई पेमेंट सिस्टम में कई अहम बदलाव किए गए हैं, जो आपके लिए जानना काफी जरूरी हैं. अगर आप भी यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं तो इन नए नियमों के बारे में जरूर जान लें!

Headlines

  • यूपीआई ट्रांजैक्शन लिमिट 1 लाख से बढ़कर 5 लाख हो गई है.
  • निष्क्रिय यूपीआई आईडी को बंद कर दिया जाएगा.
  • यूपीआई लाइट वॉलेट की लिमिट ₹500 तक बढ़ गई है.
  • 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर इंटरचेंज शुल्क लगेगा.
  • कुछ यूपीआई ऑटोपेमेंट के लिए समय सीमा बढ़ाई गई है.

यूपीआई लिमिट बढ़ी, अब 5 लाख तक करें पेमेंट

आरबीआई और एनपीसीआई ने मिलकर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की लिमिट को 1 जनवरी 2024 से ₹5 लाख तक बढ़ाने का फैसला किया है. अब आप यूपीआई के जरिए एक दिन में अधिकतम ₹5 लाख तक का भुगतान कर सकते हैं. हालांकि, इसके लिए कुछ नए नियमों का पालन करना होगा.

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बेकार यूपीआई आईडी होंगी निष्क्रिय

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 31 दिसंबर 2023 तक एक साल से ज्यादा निष्क्रिय यूपीआई आईडी वाले सभी पेमेंट एप्लिकेशन को निष्क्रिय करने का आदेश दिया है. इसका उद्देश्य सुरक्षा बढ़ाना और पुराने या अप्रयुक्त यूपीआई आईडी से जुड़े किसी भी तरह के धोखाधड़ी को रोकना है.

यूपीआई लाइट वॉलेट लिमिट बढ़ी 

यूपीआई लाइट वॉलेट में अब ट्रांजैक्शन की लिमिट ₹200 से बढ़ाकर ₹500 कर दी गई है. बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी इस तरह का ट्रांजैक्शन किया जा सकता है. अगर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करना है तो अधिकतम ₹2000 तक का भुगतान किया जा सकता है.

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यूपीआई मर्चेंट पेमेंट पर इंटरचेंज शुल्क 

नए नियमों के अनुसार, 2024 से 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर पीपीआई के माध्यम से 1.1% का इंटरचेंज शुल्क लगाया जाएगा. उपयोगकर्ता को पीयर टू पीयर (P2P) और पीयर टू मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन के लिए पीपीआई के माध्यम से किए गए यूपीआई भुगतान के लिए इंटरचेंज शुल्क का भुगतान करना होगा.

यूपीआई ऑटोपेमेंट की समय सीमा बढ़ी

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कुछ लेनदेन के लिए यूपीआई ऑटोपेमेंट के लिए समय सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) जैसे अतिरिक्त सत्यापन प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी. इसका मतलब है कि उपभोक्ता म्युचुअल फंड सब्सक्रिप्शन, बीमा प्रीमियम और क्रेडिट कार्ड खरीद के लिए ₹1 लाख तक के ऑटोपेमेंट के लिए किसी भी तरह के ओटीपी सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी. पहले, ₹15,000 के ऑटोपेमेंट के लिए ओटीपी सत्यापन प्रक्रिया की आवश्यकता थी.

ये नए नियम आपको यूपीआई का अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से उपयोग करने में मदद करेंगे. आशा है आपको यह जानकारी उपयोगी लगी होगी!

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