Ram Mandir Utsav: अयोध्या में 22 जनवरी को श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा: उत्सव के रंग, श्रद्धा का संगम, योगी सरकार ने हर ज़रिया संवारा अयोध्या धाम आस्था के सागर में डूबने को तैयार है। 22 जनवरी को होने वाले श्रीरामलला के मंदिर में विराजमान होने के पवित्र अनुष्ठान ने पूरे देश को रोमांचित कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार श्रीरामभक्तों और दर्शनार्थियों की भव्य मेजबानी को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हर ज़रिया संवारा जा रहा है, ताकि 22 जनवरी का यह ऐतिहासिक दिन अविस्मरणीय बन जाए।

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  • 22 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश, मदिरा बिक्री पर रोक
  • आतिथ्य का अनूठा अनुभव, वीवीआईपी मेहमानों के लिए खास इंतजाम
  • कुंभ जैसी टेंट सिटी, बहुभाषी साइनेज, स्वच्छता का आग्रह
  • हर मंदिर में दीपोत्सव, राममय होगा पूरा देश
  • ग्रीन कॉरिडोर, पार्किंग व्यवस्था, यातायात सुगम
  • डिजिटल टूरिस्ट ऐप, लाइव प्रसारण से विश्व दर्शन
  • सुरक्षा के कड़े पहरे, टूरिस्ट गाइड से आध्यात्मिक यात्रा

Happy Dipawali

आतिथ्य का परम धर्म: अयोध्या में अतिथि देवो भव! का वाक्यांश साकार होगा। आने वाले विशिष्ट अतिथियों के विश्राम स्थलों का पहले से चयन किया गया है। होटल, धर्मशालाओं के साथ खूबसूरत होम स्टे भी तैयार किए जा रहे हैं। कुंभ मेले जैसी भव्य टेंट सिटी का निर्माण हो रहा है, जो 25-50 एकड़ ज़मीन पर 50,000 से अधिक तीर्थयात्रियों को आश्रय देगा। पूरे अयोध्या को विभिन्न भाषाओं में साइनेज से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले सभी भक्तों को सहूलियत होगी।

स्वच्छता सर्वोपरि: धर्म और आस्था के इस पवित्र उत्सव में स्वच्छता सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री ने जनसहयोग का आह्वान किया है। पूरे नगर में स्वच्छता अभियान चलाए जाएंगे और 3800 से अधिक स्वच्छता कर्मियों के साथ 1500 और कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। अयोध्या को पॉलीथिन मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है।

राममय वातावरण: 22 जनवरी को सायंकाल अयोध्या हर देव मंदिर में दीपोत्सव से जगमगाएगा। हर घर, हर प्रतिष्ठान में रामज्योति प्रज्ज्वलित होगी। सरकारी भवनों को साज-सज्जा से सजाया जाएगा और शाम को आतिशबाजी का भी आयोजन होगा।

सुगम यात्रा, सुदृढ़ सुरक्षा: लखनऊ, प्रयागराज और गोरखपुर से अयोध्या तक के मार्गों को ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा, ताकि यातायात सुचारू रहे। इन मार्गों को आकर्षक बनाने के लिए रामायण और रामचरितमानस के श्लोकों से सजाया जाएगा।

22 जनवरी के लिए व्यापक पार्किंग व्यवस्था की गई है और इलेक्ट्रिक बसें दर्शनार्थियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाएंगी। अयोध्या का डिजिटल टूरिस्ट ऐप सभी आगंतुकों को मार्गदर्शन देगा और पूरे समारोह का लाइव प्रसारण किया जाएगा।

सुरक्षा के कड़े पहरे: अयोध्या धाम की पवित्रता और समारोह की महत्ता को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहने वाली है। बाहरी लोगों का सत्यापन किया जाएगा और आवश्यकतानुसार पुलिस पिकेट बढ़ाए जाएंगे। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय सुनिश्चित किया गया है। अयोध्या आने वाले यात्रियों का व्यवहार प्रदेश का प्रतिबिंब होता है, इसलिए पुलिसकर्मियों की काउंसिलिंग भी की जाएगी।

टूरिस्ट गाइड की राहतलकारी सेवा: विश्वभर से आने वाले दर्शनार्थियों के मार्गदर्शन के लिए प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड तैनात किए जाएंगे। ये गाइड स्थानीय ज्ञान और आध्यात्मिक अनुभव से तीर्थयात्रियों को रामभूमि की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत से परिचित कराएंगे।

अवसर का साझा स्वर: 22 जनवरी का यह पावन दिन सिर्फ अयोध्या का ही नहीं, पूरे देश का उत्सव होगा। सामाजिक, सांस्कृतिक संगठनों से सहयोग लेते हुए इस आयोजन को भव्य बनाया जाएगा। मीडिया प्रतिनिधियों के लिए भी संसाधन जुटाए जा रहे हैं ताकि वे दुनिया को यह ऐतिहासिक पल समर्पित कर सकें।

अंत में: अयोध्या में होने वाला श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का महापर्व न सिर्फ आस्था का सागर, बल्कि संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय गौरव का संगम होगा। योगी सरकार के सतर्क प्रयासों से यह आयोजन सुव्यवस्थित, दिव्य और अविस्मरणीय बनने को तैयार है। 22 जनवरी को विश्व की निगाहें अयोध्या पर टिकी होंगी, जहां सदियों का सपना साकार होगा और रामलला अपने मंदिर में विराजमान होंगे।

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