Education Field: राजस्थान के मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से एक प्रशासनिक बैठक के दौरान दी घोषणा की है कि राज्य में आयोजित होने वाली परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर सख्ती से प्रतिक्रिया दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जिन परीक्षा केन्द्रों और कोचिंग संस्थानों के बारे में विभिन्न स्रोतों से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी प्राप्त होती है, उन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके परीक्षा केन्द्रों और कोचिंग संस्थानों की संदिग्धता पर पकड़ पकड़ाई जाएगी तो उन तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।
राजस्थान में पिछले कुछ सालों से बढ़ते पेपर लीक के मामलों ने राज्य सरकार को गंभीरता से लेकर उच्च स्तर पर कदम उठाने को मजबूर किया है। इस समस्या के समाधान के लिए, राज्य सरकार ने आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं सहित सभी सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक को रोकने और नकल माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। इस मुद्दे पर हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अध्यक्षता की और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
इस बैठक के माध्यम से, मुख्यमंत्री ने आगामी भर्ती परीक्षाओं में पेपरलीक और नकल जैसी गड़बडियों को रोकने के लिए प्रबंध उत्तरदाताओं के लिए पुख्ता किए जाएंगे। इसके लिए, परीक्षा से पहले मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक स्तर से जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से सीधा संवाद कर सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने परीक्षा केन्द्रों पर निगरानी हेतु गठित उड़नदस्तों के लिए पर्याप्त अधिकारी एवं पुलिस बल जिलों को उपलब्ध करवाए जाने के निर्देश दिए।

संद‍िग्धों पर रखी जाएगी नजर

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जिन परीक्षा केन्द्रों और कोचिंग संस्थानों के बारे में विभिन्न स्रोतों से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी प्राप्त होती है, उन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके परीक्षा केन्द्रों और कोचिंग संस्थानों की संदिग्धता पर पकड़ पकड़ाई जाएगी तो उन तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।

हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया

मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे के समाधान के लिए एक हेल्पलाइन नंबर की घोषणा की है जिस पर लोग संद‍िग्ध परिस्थितियों की सूचना दे सकते हैं। इसके माध्यम से, राज्य सरकार को इस प्रकार की गतिविधियों की जानकारी मिल सकती है, जिससे उचित कदम उठाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित किया है कि हेल्पलाइन नंबर 9530428258 पर दी जाएगी, और इसमें संद‍िग्धता के मामलों की रिपोर्टिंग को गोपनीय रखा जाएगा। इस हेल्पलाइन के माध्यम से आम जनता अपनी सकारात्मक या संद‍िग्ध प्रतिवाद प्रस्तुत कर सकती है जो सरकार को गतिविधियों के खिलाफ कदम उठाने में मदद कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में कहा है कि जो अपराधी पहले से ही पकड़े गए हैं, उनके खिलाफ राज्य सरकार द्वारा शीघ्र ट्रायल किया जाएगा, और उन्हें अधिकतम सजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *